Bihar Udyami Yojana 2025: मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत बिहार सरकार दे रही है स्वरोजगार के मोके आज ही करे आवेदन

WhatsApp Group Join Now

बिहार सरकार द्वारा चलाई जा रही Bihar Udyami Yojana 2025 राज्य के युवाओं और बेरोजगारों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना का उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना और राज्य से बाहर पलायन को रोकना है। सरकार लाभार्थियों को 10 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता देती है, जिसमें से 5 लाख रुपये की राशि अनुदान (माफ) होती है और शेष 5 लाख रुपये बिना ब्याज के वापस करने होते हैं।

यह योजना विशेष रूप से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अति पिछड़ा वर्ग, महिला उद्यमी और दिव्यांगजन जैसे वर्गों को प्राथमिकता देती है। योजना के अंतर्गत चयनित लाभार्थियों को उद्यमिता और प्रबंधन से संबंधित प्रशिक्षण भी दिया जाता है, जिससे वे सफलतापूर्वक अपना व्यवसाय चला सकें। पारदर्शी चयन प्रक्रिया, आसान आवेदन और प्रशिक्षण व्यवस्था इस योजना को राज्य के युवाओं के लिए बेहद उपयोगी और प्रभावी बनाती है।

क्या है यह योजना?

बिहार उद्यमी योजना 2025 एक वित्तीय सहायता योजना है जिसके अंतर्गत पात्र युवा और महिला उद्यमियों को व्यवसाय शुरू करने के लिए 10 लाख रुपये तक का ऋण दिया जाता है। इसमें 5 लाख रुपये की राशि अनुदान के रूप में माफ कर दी जाती है और शेष 5 लाख रुपये को लाभार्थी को 84 आसान किस्तों (EMI) में ब्याज-मुक्त लौटाना होता है। यह योजना कृषि, निर्माण, सेवा, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तकला, आईटी और अन्य उद्यम क्षेत्रों के लिए लागू है।

WhatsApp Group Join Now

Bihar Udyami Yojana 2025 Overview

विवरणजानकारी
योजना का नामBihar Udyami Yojana 2025
कुल ऋण सहायता10 लाख रुपये
अनुदान (माफ राशि)5 लाख रुपये
शेष ऋण वापसी5 लाख रुपये (बिना ब्याज)
पात्र वर्गSC, ST, OBC, महिला, दिव्यांग, बेरोजगार युवा
आयु सीमा18 से 50 वर्ष
शिक्षा योग्यतान्यूनतम 12वीं पास/ITI/पॉलिटेक्निक
आवेदन प्रक्रियाऑनलाइन
चयन प्रक्रियाकंप्यूटरीकृत लॉटरी प्रणाली
प्रशिक्षणदो चरणों में, प्रत्येक 6 दिन
ऋण वापसी अवधिअंतिम किस्त के 12 माह बाद, 84 EMI में

Bihar Udyami Yojana 2025 उद्देश्य

बिहार उद्यमी योजना 2025 का मुख्य उद्देश्य राज्य में स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देना है। बिहार के अधिकतर युवा रोजगार की तलाश में अन्य राज्यों की ओर पलायन करते हैं, जिससे राज्य की प्रतिभा और श्रम शक्ति बाहर चली जाती है। इस योजना से युवाओं को स्थानीय स्तर पर व्यवसाय शुरू करने का अवसर मिलेगा। इससे न केवल युवाओं को आर्थिक स्वतंत्रता मिलेगी, बल्कि बिहार की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

यह योजना सामाजिक समावेश को भी बढ़ावा देती है, क्योंकि इसमें अनुसूचित जाति, जनजाति, महिला और दिव्यांगजन को विशेष प्राथमिकता दी गई है। प्रशिक्षण और चरणबद्ध ऋण वितरण प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है और लाभार्थियों को व्यवसायिक कौशल विकसित करने का मौका देती है। अंततः इस योजना का उद्देश्य बिहार को आत्मनिर्भर, रोजगार-परक और उद्यमिता-मुख्य राज्य बनाना है।

लाभ

  1. 10 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता व्यवसाय शुरू करने के लिए।
  2. 5 लाख रुपये का अनुदान, जिसे वापस नहीं करना है।
  3. शेष 5 लाख रुपये ब्याज-मुक्त ऋण के रूप में।
  4. स्वरोजगार के अवसर – अपने राज्य में व्यवसाय शुरू करने की सुविधा।
  5. प्रशिक्षण कार्यक्रम – प्रबंधन और उद्यमिता से संबंधित दो चरणों में प्रशिक्षण।
  6. विशेष वर्गों को प्राथमिकता – महिला, SC, ST, OBC और दिव्यांगजन।
  7. पारदर्शी चयन प्रक्रिया – कंप्यूटरीकृत लॉटरी सिस्टम से।
  8. विविध क्षेत्रों में अवसर – कृषि, सेवा, निर्माण, तकनीकी और अन्य उद्योग।
  9. रोजगार सृजन – उद्यमी स्वयं के साथ दूसरों को भी रोजगार देंगे।
  10. आर्थिक आत्मनिर्भरता – युवाओं को बैंक और महाजनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

पात्रता

  • आवेदक बिहार का स्थायी निवासी होना चाहिए।
  • न्यूनतम शिक्षा योग्यता 12वीं/ITI/पॉलिटेक्निक होनी चाहिए।
  • आयु 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  • सरकारी नौकरी या 15,000 रुपये से अधिक मासिक वेतन पाने वाले आवेदन नहीं कर सकते।
  • पहले से किसी अन्य सरकारी उद्यमिता योजना (जैसे मुद्रा लोन, PMEGP आदि) का लाभ लेने वाले पात्र नहीं होंगे।
  • गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि या मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति आवेदन नहीं कर सकते।

आवश्यक दस्तावेज

  1. 10वीं की मार्कशीट (जन्मतिथि प्रमाण हेतु)
  2. 12वीं/ITI/पॉलिटेक्निक प्रमाणपत्र
  3. जाति प्रमाणपत्र (यदि लागू हो)
  4. बिहार का निवास प्रमाणपत्र
  5. आधार कार्ड
  6. दिव्यांग प्रमाणपत्र (यदि लागू हो)
  7. पासपोर्ट साइज फोटो
  8. हस्ताक्षर (स्कैन कॉपी)

आवेदन प्रक्रिया

  1. सबसे पहले योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ।
  2. नया पंजीकरण (New Registration) करें।
  3. अपनी श्रेणी (SC/ST, महिला, युवा आदि) चुनें।
  4. व्यवसाय/परियोजना का चयन करें।
  5. आवेदन फॉर्म को सही तरीके से भरें और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
  6. आवेदन सबमिट करने के बाद आवेदन संख्या नोट कर लें।
  7. चयन कंप्यूटरीकृत लॉटरी प्रणाली से होगा।
  8. चयनित लाभार्थियों को दो चरणों में 6-6 दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
  9. प्रशिक्षण के बाद पहली किस्त जारी होगी।
  10. शेष किस्तें खर्च और उपयोगिता प्रमाणपत्र अपलोड करने पर मिलेंगी।
  11. अंतिम किस्त प्राप्त करने के 12 महीने बाद, शेष राशि 84 EMI में लौटानी होगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: क्या आवेदन करने पर कोई शुल्क देना होगा?
नहीं, आवेदन पूरी तरह निशुल्क है।

प्रश्न 2: क्या पहले से चल रहे व्यवसाय के लिए भी यह योजना लागू है?
नहीं, यह योजना केवल नए व्यवसाय शुरू करने वालों के लिए है।

प्रश्न 3: क्या लोन के लिए कोई गारंटी या जमानत देनी होगी?
नहीं, इस योजना में किसी भी प्रकार की गारंटी की आवश्यकता नहीं है।

प्रश्न 4: यदि चयन नहीं हुआ तो क्या दोबारा आवेदन कर सकते हैं?
हाँ, जब आवेदन की नई तिथि खुलेगी, आप पुनः आवेदन कर सकते हैं।

प्रश्न 5: ऋण की वापसी कब शुरू करनी होगी?
अंतिम किस्त प्राप्त करने के 12 माह बाद, 84 मासिक किस्तों में भुगतान करना होगा।

प्रश्न 6: अगर प्रशिक्षण में भाग नहीं लिया तो क्या लाभ मिलेगा?
नहीं, प्रशिक्षण अनिवार्य है। प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद ही किस्त जारी की जाती है।

प्रश्न 7: किन-किन क्षेत्रों में व्यवसाय शुरू किया जा सकता है?
कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, सेवा, निर्माण, आईटी, हस्तकला, लघु उद्योग आदि।

अन्य पड़े:-

Leave a Comment