Mukhyamantri Talab Matsyaki Vikas Yojana 2025: सरकार दे रही है तालाब के लिए 70% तक सब्सिडी जाने कैसे करना है आवेदन?

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Mukhyamantri Talab Matsyaki Vikas Yojana बिहार सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसे राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने और किसानों की आय को दोगुना करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। इस योजना के अंतर्गत मत्स्य पालन के लिए तालाब निर्माण, मत्स्य बीज उत्पादन, ट्यूबवेल, पम्प सेट, यांत्रिक एरेटर और मत्स्य बीज हैचरी के जीर्णोद्धार जैसी सुविधाओं पर किसानों को 50 प्रतिशत से लेकर 70 प्रतिशत तक का अनुदान उपलब्ध कराया जाता है।

इस योजना का लाभ विशेष रूप से छोटे, सीमांत किसानों और अनुसूचित जाति/जनजाति एवं अति पिछड़ा वर्ग को दिया जा रहा है ताकि उन्हें रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसर मिल सकें। मत्स्य पालन राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ ग्रामीण युवाओं के लिए एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में भी उभर रहा है। इस योजना के जरिए बिहार सरकार कृषि और पशुपालन क्षेत्र में विविधता लाकर ग्रामीण विकास को नई दिशा दे रही है।

योजना क्या है?

यह योजना बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में तालाब आधारित मत्स्य पालन को आधुनिक और लाभदायक बनाने के लिए शुरू की गई है। इसके तहत किसानों और मत्स्य पालकों को उन्नत इनपुट, जैसे कि मछली बीज, चारा, उर्वरक, दवाइयाँ, यांत्रिक उपकरण और तालाब निर्माण में अनुदान दिया जाता है। साथ ही मत्स्य बीज उत्पादन यूनिट, ट्यूबवेल, पम्प सेट, एरेटर तथा हैचरी के सुधार पर भी वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। सरकार का लक्ष्य है कि इस योजना के माध्यम से मछली उत्पादन क्षमता बढ़ाई जाए, किसानों की आमदनी में वृद्धि हो और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन हो।

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Mukhyamantri Talab Matsyaki Vikas Yojana Overview

घटक / अवयवइकाई लागत (₹ लाख में)अनुदान दर (अन्य वर्ग / SC-ST-EBC)
उन्नत इनपुट (फीड, उर्वरक, दवा आदि) (प्रति हेक्टेयर)4.0050% / 70%
उन्नत मत्स्य बीज उत्पादन यूनिट (0.5 एकड़)1.0050% / 70%
ट्यूबवेल व पम्प सेट (प्रति यूनिट)1.2050% / 70%
यांत्रिक एरेटर (प्रति यूनिट)0.5050% / 70%
मत्स्य बीज हैचरी का जीर्णोद्धार / उन्नयन5.0050% / 70%

उद्देश्य

मुख्यमंत्री तालाब मत्स्यिकी विकास योजना का मुख्य उद्देश्य बिहार में मत्स्य उत्पादन को बढ़ाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है। राज्य सरकार इस योजना के जरिए किसानों और मत्स्य पालकों को आर्थिक सहायता देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना चाहती है। इस योजना से तालाब आधारित मत्स्य पालन को वैज्ञानिक और आधुनिक तकनीक से जोड़कर उत्पादन क्षमता बढ़ाई जाएगी। साथ ही, ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे और पलायन की समस्या कम होगी।

अनुसूचित जाति, जनजाति और अति पिछड़ा वर्ग के किसानों को विशेष लाभ प्रदान कर समाज के कमजोर वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत तालाब निर्माण, मत्स्य बीज उत्पादन यूनिट और अन्य उपकरणों पर मिलने वाला अनुदान किसानों की लागत को कम करता है और उन्हें अधिक लाभ प्राप्त करने में मदद करता है। अंततः इस योजना से बिहार को मत्स्य उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य है।

योजना के लाभ

  1. किसानों को 50 से 70 प्रतिशत तक सब्सिडी का लाभ।
  2. तालाब निर्माण और मत्स्य बीज उत्पादन यूनिट स्थापित करने में वित्तीय सहायता।
  3. मत्स्य पालन को आधुनिक तकनीकों जैसे यांत्रिक एरेटर और ट्यूबवेल से जोड़ा गया।
  4. ग्रामीण युवाओं को रोजगार के अवसर मिलते हैं।
  5. मछली उत्पादन में वृद्धि होने से राज्य की खाद्य सुरक्षा को मजबूती मिलती है।
  6. कमजोर वर्गों (SC/ST/EBC) को अधिक अनुदान दर पर लाभ।
  7. किसानों की आय बढ़ाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना।

योजना की पात्रता

  • आवेदक बिहार राज्य का निवासी होना चाहिए।
  • आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए।
  • तालाब निजी स्वामित्व का होना चाहिए या फिर पट्टे/लीज पर होना चाहिए।
  • पट्टे की अवधि न्यूनतम 11 माह होनी अनिवार्य है।
  • केवल वही लोग लाभ उठा सकते हैं, जिनके पास मत्स्य पालन करने की इच्छा और क्षमता है।

आवश्यक दस्तावेज

  • आधार कार्ड
  • निवास प्रमाण पत्र
  • जाति प्रमाण पत्र (यदि SC/ST/EBC वर्ग से हैं)
  • तालाब/भूमि से संबंधित स्वामित्व पत्र या लीज समझौता
  • बैंक खाता पासबुक (IFSC कोड सहित)
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • आय प्रमाण पत्र (कुछ मामलों में आवश्यक)

आवेदन कैसे करें

  1. सबसे पहले आवेदक को बिहार सरकार के मत्स्य निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
  2. वेबसाइट पर “नया पंजीकरण” विकल्प चुनकर अपना नाम, मोबाइल नंबर और आधार नंबर दर्ज करें।
  3. पंजीकरण के बाद आवेदक को लॉगिन आईडी और पासवर्ड मिलेगा।
  4. लॉगिन करने के बाद “मुख्यमंत्री तालाब मत्स्यिकी विकास योजना” पर क्लिक करें।
  5. आवेदन फॉर्म को सही-सही भरें और सभी आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
  6. सबमिट करने के बाद आवेदन की रसीद प्रिंट कर लें।
  7. आवेदन की स्थिति समय-समय पर वेबसाइट पर देखी जा सकती है।

सामान्य प्रश्न (FAQ)

प्रश्न 1: इस योजना का लाभ कौन उठा सकता है?
उत्तर: बिहार राज्य के निवासी किसान, मत्स्य पालक और वे व्यक्ति जिनके पास तालाब है या पट्टे पर लिया हुआ तालाब है।

प्रश्न 2: योजना के तहत कितना अनुदान मिलता है?
उत्तर: सामान्य वर्ग को 50% और SC/ST/EBC वर्ग को 70% तक अनुदान मिलता है।

प्रश्न 3: आवेदन की प्रक्रिया क्या है?
उत्तर: आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन है। मत्स्य निदेशालय की वेबसाइट पर पंजीकरण करके आवेदन किया जा सकता है।

प्रश्न 4: क्या तालाब लीज पर होने पर भी योजना का लाभ मिल सकता है?
उत्तर: हाँ, यदि पट्टे की अवधि कम से कम 11 माह की है तो।

प्रश्न 5: योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: बिहार में मत्स्य उत्पादन को बढ़ाना, किसानों की आय दोगुनी करना और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन करना।

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